सोनभद्र, दिसम्बर 3 -- म्योरपुर, हिंदुस्तान संवाद। आदिवासी बाहुल्य जिले के आदिवासी समाज ने आबादी के आधार पर आरक्षण सुनिश्चित किए जाने की मांग को लेकर आवाज़ तेज कर दी है। उन्होंने एससीएसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीतसिंह सिंह खरवार को ज्ञापन सौंपकर इसकी मांग की है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि स्वतंत्रता के बाद उत्तर प्रदेश में जनजातियों को मात्र 2 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। इसमें थारू, भोक्सा, सहरिया, बजरा, नयक, ओझा सहित कुछ जनजातियाँ शामिल थीं। जबकि पूर्वांचल की कई जनजातियां गोड़, खरवार, चेरो, बैगा, पनिका, अगरिया, भूईया, पठारी आदि लंबे समय तक इस सूची से बाहर रहीं। वर्ष 2003 में इन्हें सूची में जोड़ा गया और 2014 के शासनादेश व 2015 के पंचायत चुनावों में इन्हें शामिल किया गया, लेकिन आरक्षण आज भी पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ। जनजातीय संगठनों ने बताया ...