घाटशिला, जनवरी 31 -- घाटशिला, संवाददाता। प्रेम अंधा होता है, भगवान भी भाव भूखे होते हैं, आप ईश्वर की जितनी भक्ति करोगे, ईश्वर उतना आपके पास होंगे। उक्त बातें वृंदावन धाम से घाटशिला पधारे राम मंदिर अग्रसेन भवन में कथा वाचते राजेंद्र जी महराज ने कही। उन्होंने कहा कि आज कथा का पहला दिन है, हम कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि कलश के तीन शब्द का सारांश बताते हुए कहा कि क से मां काली, ल से मां लक्ष्मी और श से मां सरस्वती तीनों एक साथ कलश के ऊपर वास करते हुए उनको माताएं अपनी सिर पर उठाकर जब चलती हैं तो सभी पापों का नाश होता है। उन्होंने भागवत क्या है, इसका क्यों स्मरण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना ईश्वर की प्रीत नहीं होती। भगवान भी भाव के भूखे होते हैं। ईश्वर ने सभी श्रेणी में मनुष्य को सर्वश्रेष्ठ बनाया,...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.