संभल, जून 9 -- अक्सर मदद के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे समाज में अगर कोई बिना अपेक्षा के किसी का संबल बन जाए, तो वह सेवा नहीं बल्कि सच्ची श्रद्धा बन जाती है। उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षकों की टीम ने 'टीचर सेल्फ केयर टीम के रूप में ऐसा ही एक प्रेरक उदाहरण पेश किया है। यह टीम न तो किसी संस्था से अनुदान लेती है और न ही सरकारी सहायता की मोहताज है, बल्कि आपसी सहयोग से जरूरतमंद शिक्षकों के परिवारों का सहारा बनती है। शिक्षक अब सिर्फ कक्षा में ज्ञान नहीं बांट रहे, बल्कि संकट की घड़ी में साथ खड़े होकर साथी को कभी अकेला न छोड़ने का संकल्प भी निभा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के हर जिले में यह टीम अपनी सेवा और सहयोग के लिए मिसाल बन चुकी है। अप्रैल माह में असमोली ब्लॉक के चंदवार की मढैया गांव के प्राथमिक विद्यालय में नियुक्त शिक्षामित्र संजीव क...
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