प्रयागराज, फरवरी 3 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत दर्ज एक मामले की सुनवाई करते हुए कानून की लक्ष्मण रेखा स्पष्ट कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक चले संबंधों को बाद में 'धोखाधड़ी' की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। अदालत ने साफ किया कि धारा 69 केवल उन मामलों में लागू होती है जहाँ मंशा शुरू से ही छल या धोखे की हो, न कि उन मामलों में जहाँ परिस्थितिवश शादी नहीं हो पाई।क्या है पूरा मामला? यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने नीलेश राम चंद्रानी नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला और याची नीलेश की मुलाकात एलएलएम (LLM) की पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों साल 2020 से एक-दूसरे से परिचित थे और प्रेम संबं...