रांची, सितम्बर 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। अग्रसेन भवन में चल रहे भागवत कथा में चैतन्य मीरा ने सोमवार को कहा कि कलयुग में आपसी भेदभाव गृह क्लेश का कारण बन गए हैं। कलयुग में प्रभु नाम जप और भागवत कथा से इस प्रभाव से दूर रह सकते हैं। कहा, हम अपने भक्ति मार्ग से जुड़ते हैं, प्रभु के प्रति प्रेम-आस्था रखते हैं तो अहित नहीं हो सकता। आज समाज को यह जानना आवश्यक है कि यदि हम प्रभु से नहीं जुड़े तो हमारे जीवन का कल्याण संभव नहीं है। हमें सर्वथा इसी मार्ग पर आगे चलना चाहिए। कथा का आयोजन अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की रांची शाखा की ओर से किया जा रहा है। महिला मंडल ने कथा के दूसरे दिन सेवा कार्य के तहत गो सेवा की गई। कथावाचक चैतन्य मीरा ने सुकुरहुटु गोशाला जाकर कल्पवृक्ष और फलदार वृक्ष के पौधे लगाए। कार्यक्रम को सफल बनाने में रूपा अग्रवाल, अनसूया नेवट...
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