वाराणसी, जनवरी 14 -- वाराणसी, हिटी। गोपेश पांडेय सिर्फ बनारस की पत्रकारिता के स्तंभ नहीं थे। पूर्वांचल से प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक उन्होंने अपनी लेखनी का तेवर दिखाया। आज भले ही वह निर्भीक स्वर मौन हो गया, लेकिन पत्रकारों की आने वाली पीढ़ियां उनसे सीख लेती रहेंगी। रविवार की सुबह गोपेश पांडेय का निधन नवाबगंज स्थित उनके आवास पर हो गया था। मंगलवार को पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रख्यात पत्रकार प्रो. राममोहन पाठक से लेकर मौजूदा पीढ़ी तक के अखबारनवीसों के अलावा उनकी लेखनी के मुरीद रहे शिक्षाविदों और राजनेताओं ने भावनाएं व्यक्त कीं। काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष रह चुके गोपेश पांडेय के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गोपेश पांडेय का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं है, बल्कि यह काशी की पत्रकारिता परंपरा को ल...
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