रामगढ़, फरवरी 20 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि रामगढ़ शहर के छावनी परिषद मैदान में ब्रज गोपिका सेवा मिशन की ओर से आयोजित 21 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला का समापन शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ स्वामी युगल शरण ने अपने मुखारविंद से कर्मयोग, साधना और भगवान के मधुर स्वरूप के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जीवन के प्रत्येक दायित्व को निभाते हुए भी मनुष्य भगवान को प्राप्त कर सकता है, यदि वह अपने कर्मों को भगवान को समर्पित कर दे और आशक्ति रहित होकर कर्मयोग का पालन करे। स्वामी जी ने समझाया कि पूर्णतम पुरुषोत्तम ब्रह्म की महिमा अपार है, जिनकी इच्छा से सृष्टि का निर्माण और विनाश होता है, वही भगवान श्रीकृष्ण अपनी माता यशोदा के प्रेम में बंध जाते हैं। यह उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि भगवान तक पहुँ...