वाराणसी, दिसम्बर 31 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बंग दर्शन का आनंद मेला मंगलवार की शाम एक यादगार प्रस्तुति का गवाह बना। यह प्रस्तुति एकार्डियन वादन की रही। सोनारपुरा स्थित कूच बिहार कालीबाड़ी परिसर में आनंद मेला के दूसरे दिन नृत्य और गायन की विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से काशी की मेधा ने अपना परिचय दिया। हारमोनियम जैसी ध्वनि उत्पन्न करने वाले एकार्डियन वाद्ययंत्र में पियानो जैसा की-बोर्ड होता है। आमतौर पर इसे सहायक वाद्ययंत्र के रूप में इस्तेमाल किया जाता है लेकिन तन्मय मुखर्जी ने इसे स्वतंत्र वाद्य के रूप में प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने नई पीढ़ी के संगीत प्रशिक्षुओं को भी आकर्षित किया। यह वाद्ययंत्र हवा के प्रवाह से ध्वनि उत्पन्न करता है। इसका उपयोग लोक, जैज़ के अलावा भारतीय शास्त्रीय संगीत सहित दुनिया की कई शैलियों के संगीत में किया...