बोकारो, अगस्त 10 -- आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से आनंद नगर में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर तीन घंटे का कीर्तन, सामूहिक ध्यान और स्वाध्याय का आयोजन किया है। आचार्य नारायणानंद अवधूत ने बताया आनंद मार्ग के इतिहास में श्रावणी पूर्णिमा एक असाधारण रूप से महत्वपूर्ण दिन है। आनंद मार्ग प्रचारक संघ की स्थापना 1955 में बिहार के मुंगेर जिले के रेलवे शहर जमालपुर में हुई थी। लेकिन इसके बीज बहुत पहले ही पड़ गए थे। 1939 में इसी पवित्र दिन आनंद मार्ग के संस्थापक और उस समय कोलकाता के विद्यासागर कॉलेज में विज्ञान के छात्र प्रभात रंजन सरकार ने उन्हें अपनी पहली आध्यात्मिक दीक्षा प्रदान की। उस शाम काशीमित्र घाट पर गंगा तट पर कालीचरण बंद्योपाध्याय को आध्यात्मिक दीक्षा दी। जिससे उनके जीवन में गहरा परिवर्तन आया। कालीचरण बाद में कालीकानंद अवधूत के नाम से प्रसिद...
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