अलीगढ़, फरवरी 12 -- अलीगढ़, कार्यालय संवाददाता। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि को श्रद्धा, भक्ति और तप के साथ मनाया जाने वाला महापर्व महाशिवरात्रि रविवार को मनाया जाएगा। इस बार शिव रात्रि पर 19 वर्ष बाद शुभ संयोग बन रहा है। स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मजागरण का अवसर है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। इसे आध्यात्मिक जागरण की रात्रि भी कहा जाता है। इस बार महाशिवरात्रि अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग में आ रही है। इस दिन सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में, केतु सिंह राशि में तथा चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेंगे। साथ ही त्रिकोण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इन योगों को अत्यंत मंगलकारी...