दरभंगा, जनवरी 13 -- दरभंगा। लनामिवि के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग में स्वामी विवेकानंद के वसुधैव कुटुंबकम चिंतन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन मंगलवार को हुआ। विषय प्रवेश करते हुए डॉ. अमीर अली खान ने विकसित भारत की संकल्पना पर चर्चा करते हुए स्वामी विवेकानंद की चिंतन परंपरा को राष्ट्र निर्माण की वैचारिक आधारशिला माना। उन्होंने वेदांत और योग दर्शन पर प्रकाश डालते हुए विवेकानंद को भारतीय आध्यात्मिक चेतना का वैश्विक प्रतिनिधि बताया। मुख्य वक्ता पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार ने स्वामी विवेकानंद को राष्ट्रभक्त, युवाओं के प्रेरणास्रोत, साधक और संन्यासी के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि सन्यास की अवधारणा का उल्लेख उपनिषदों, विशेषकर कठोपनिषद में मिलता है, जिससे संपूर्ण पृथ्वी और संसार को समष्टि रुप से द...