बलिया, जनवरी 4 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। गायत्री शक्तिपीठ (महावीर घाट, गंगाजी मार्ग) पर चल रहे 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन शनिवार को कड़ाके की ठंड और गलन के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञशाला में तीन पालियों में हवन-पूजन कराया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार पूजन किया। इससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। इस दौरान अन्नप्राशन, नामकरण, दीक्षा आदि संस्कार भी सम्पन्न कराए गए। शांतिकुंज हरिद्वार से आए टोली नायक राम तपस्या ने कहा कि यज्ञ और गायत्री भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। यज्ञ को पिता और सत्कर्मों का आधार माना जाता है। जो वातावरण शुद्ध करता है। देवताओं से जोड़ता है और जीवन के सभी संस्कारों का केंद्र है। गायत्री माता ज्ञान और सद्बुद्धि ...