नवादा, दिसम्बर 31 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। वर्ष 2025 जाते-जाते नवादा के कृषि क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का गवाह बना है। कभी मानसून की बेरुखी और पारम्परिक खेती के घाटे से जूझने वाला यह जिला अब आधुनिक कृषि तकनीक के दम पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है। जिला कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के साझा प्रयासों ने जिले के किसानों को खेत के मजदूर से कृषि उद्यमी बनाने की राह प्रशस्त की है। नवादा में अब आधुनिक खेती ही भविष्य की एकमात्र स्वीकार्य पद्धति बनती जा रही है। सरकारी सब्सिडी और तकनीक के समन्वय ने जिले के युवाओं को भी खेती की ओर आकर्षित किया है। 2025 का अंत नवादा के किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत है, जहां खेती अब मजबूरी नहीं, बल्कि एक सम्मानित और लाभकारी व्यवसाय बन चुकी है। सामान्यतः मौसम का उतार-चढ़ाव नवादा के किसानों के लिए...
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