मुजफ्फरपुर, फरवरी 23 -- मुजफ्फरपुर। अनामिका, प्रमुख संवाददाता आधी आबादी बदलाव के लिए तैयार है। महिलाएं अब घरेलू ही नहीं, सामाजिक अधिकार लेने के लिए भी खुलकर सामने आ रही हैं। दीदी अधिकार केंद्रों पर पहुंच रहे मामले इस बड़े परिवर्तन की गवाही दे रहे हैं। जिले के 11 दीदी अधिकार केंद्रों पर एक साल में छह हजार से अधिक मामले आए हैं। इनमें घरेलू हिंसा के मामले 287 आए, जबकि अपने सामाजिक अधिकार के लिए 5927 महिलाएं आगे आईं। इनमें ज्यादातर विभिन्न योजनाओं में हिस्सेदारी और महिलाओं के सामाजिक हक से जुड़े मामले हैं। महिलाओं को एक ही जगह सभी तरह के अधिकार दिलाने में मदद करने को लेकर प्रखंड स्तर पर दीदी अधिकार केंद्र की स्थापना लगभग सवा साल पहले की गई थी। केंद्र को चलाने का जिम्मा भी महिलाओं को ही मिला है। निगरानी से लेकर महिलाओं की मदद तक के लिए अलग-अलग प...
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