उन्नाव, फरवरी 3 -- उन्नाव। जमीन की खरीद और ब्रिकी पर फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं होगा। शासन ने इस पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम बनाए है। रजिस्ट्री के हाथ में आने से पहले संबधित क्रेता, विक्रेता और गवाहों की बायोमैट्रिक प्रक्रिया के जरिए वैरीफिकेशन किया जाएगा। ण्क फरवरी से लागू नई व्यवस्था में जिले की सभी छह तहसीलों में करीब एक सैकड़ा रजिस्ट्री होने का दम भरा जा रहा है। अभी तक उप निंबधक कार्यालयों में जमीन की खरीद व बिक्री के दौरान रजिस्ट्री कराने के समय क्रेता और विक्रेता के आधार लिंक्ड नंबर पर ओटीपी आता था। फिर रजिस्ट्री ऑफिसर में संबधित अधिकरी और कर्मचारी की जांच के बाद उसकी फोटो की जाती थी और रजिस्ट्री कर दी जाती थी। नए नियम में अब क्रेता और विक्रेता के अलावा लगने वाले गवाहों के आधार लिंक्ड नंबर पर भी ओटीपी आएगा। इतना ही नहीं कहीं यह क्रेत...
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