नई दिल्ली, नवम्बर 11 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं को बच्चों तक आसान तरीके से पहुंचाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) अब व्यावहारिक अध्ययन का सहारा लेगा। इसके लिए यूआईडीएआई ने बिहेवियरल इनसाइट्स लिमिटेड (बीआईटी) शोध संस्था के साथ समझौता किया है। साझेदारी का उद्देश्य पांच साल और 15 साल की उम्र के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को बढ़ावा देना है। इस मौके पर यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने कहा कि बच्चों के लिए पांच और 15 वर्ष की आयु में बायोमेट्रिक करना जरूरी है। यह समझौता बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैनिंग और फोटो) से जुड़े व्यवहारिक, जागरूकता और तकनीकी दिक्कतों को दूर करने में मदद करेगा। समझौते के जरिए व्यवहार-आधारित तरीके तैयार कर लागू किए जाएंगे, जिससे बच्चों...
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