प्रयागराज, जनवरी 21 -- प्रयागराज। प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नोटिस पर अपना पक्ष रखते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के जिस आदेश का हवाला दिया गया है, वो 14 अक्तूबर 2022 का है जबकि 11 सितंबर 2022 को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने के अगले दिन 12 सितंबर को स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के आश्रम में शंकराचार्य के तौर पर उनका पट्टाभिषेक हो चुका था। त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के बाहर आयोजित प्रेसवार्ता में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता टीएन मिश्र भी मौजूद थे। इस दौरान कोर्ट के आदेश और पट्टाभिषेक की प्रक्रिया को बताकर प्रशासन की जमकर खिंचाई भी की गई। अधिवक्ता टीएन मिश्र ने बताया कि कोर्ट ने अपने आदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को खुद शंकराचार्य लिखा है। उन्ह...