रांची, जुलाई 5 -- रांची, संवादादाता। जेनेटिक काउंसिलिंग बोर्ड इंडिया ने रांची में अपना 10वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया। उद्देश्य आदिवासी और अंतर्जातीय समुदायों के लिए जेनेटिक डायग्नोस्टिक्स और परामर्श को बढ़ावा देना था। डॉ एनी हसन ने कहा कि देश को प्रशिक्षित जेनेटिक काउंसलरों की जरूरत है, जो रोग की पहचान, जागरुकता और उपचार के बीच की कड़ी बन सकें। सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने झारखंड को इस सम्मेलन के लिए सही स्थान बताया, क्योंकि यहां कई आदिवासी समुदाय रहते हैं। तीन दिवसीय सम्मेलन में 45 विशेषज्ञों ने भाग लिया।
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