गिरडीह, फरवरी 7 -- पीरटांड़, प्रतिनिधि। आदिवासी समाज में जतरा मेला का खुलकर विरोध हो रहा है। समाज के लोगों ने जतरा मेला जैसे आयोजन पर कड़ा एतराज जताया है। सोशल मीडिया में भी इसका विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से समाज के लोगों ने जतरा मेला के आयोजन पर रोक लगाने का आह्वान किया है। आदिवासी समाज में समय समय पर आयोजित जतरा मेला घटना दुर्घटना को आमंत्रित करता है। समाज में जतरा मेला न कोई पारम्परिक संस्कृति है और न ही धार्मिक अनुष्ठान, मूलरुप से जतरा का आयोजन मनोरंजन लिए किया जाता है। जतरा मेला आयोजन पर समाज में हमेशा मतभेद भी रहा है। सामाजिक वर्ग हमेशा जतरा का विरोधी रहे हैं। हरलाडीह ओपी क्षेत्र में जतरा मेला घूमने आई दो नाबालिग आदिवासी बच्ची गैंगरेप जैसी शर्मनाक घटना का शिकार हो गई। यह घटना आदिवासी सामाज के लोगों के लिए सबक लेने का वक्त...