मोतिहारी, दिसम्बर 7 -- आदापुर। प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर सेंटर बनकर रह गया है। दवा और जरूरी सुविधाओं के उपलब्ध होने के बावजूद इनडोर मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही। वहीं गंभीर मरीजों को चिकित्सक तत्काल रेफर कर देते हैं। सीएचसी में एक भी नियमित महिला चिकित्सक पदस्थापित नहीं है। एकमात्र आयुष महिला डॉक्टर हैं। इससे प्रसूता महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं । दर्द से कराहती गरीब महिलाओं की स्थिति देख गायनोलॉजिस्ट महिला डॉक्टर की जरूरत महसूस होती है लेकिन यहाँ तो एक अदद भी एमबीबीएस महिला डॉक्टर तक पदस्थापित नहीं हैं। इसका फायदा निजी अस्पतालों को होता है। सीएचसी में रोजाना 120-130 मरीज ओपीडी में आते हैं, और 12-14 प्रसूता रोज पहुंचती हैं। दवाइयों का पर्याप्त भंडारण होने के बाद भी इनडोर में भर्ती मरीज बहुत कम हैं। सीएच...
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