बागपत, फरवरी 23 -- बड़ौत। धर्मगुरु मौलाना आरिफ ने बताया कि रमजान आत्मिक शुद्धता, सब्र, अल्लाह के प्रति समर्पण और गुनाहों की माफी का पवित्र महीना है। यह सिर्फ भूख प्यास का उपवास नहीं बल्कि आत्म-अनुशासन, नैतिक सुधार और गरीबों के प्रति सहानुभूति सीखने का समय है। यह माह खुदा से करीबी और रूहानी मजबूती का जरिया है, जिसमें कुरान का अवतरण हुआ था। इंसान को बुरी आदतों से दूर रहने और खुद की इबादत के जरिए रूह को मजबूत करने का संदेश देता है।

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