सिद्धार्थ, दिसम्बर 7 -- सिद्धार्थनगर, वरिष्ठ संवाददाता। नगर पालिका सभागार में चल रही श्रीरामकथा में तीसरे दिन शनिवार की रात अयोध्या से आए कथा वाचक पंडित देवकृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। कथा सुन श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि रामकथा आत्मा को निर्मल करती है और जीवन में व्याप्त संशयों रूपी पक्षियों को दूर भगाती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ताली बजने पर पक्षी उड़ जाते हैं, उसी प्रकार राम कथा रूपी ताली हमारे भीतर बसे काम, क्रोध, मद, लोभ जैसे विकारों को समाप्त कर देती है। जब जीवन से संशय मिट जाता है तब व्यक्ति को भक्ति और साधना में आनंद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में रामकथा के सार को अपनाएं और सदाचार, सेवा व भक्ति का मार्ग चुनें। इस अवसर पर मनीष शुक्ल, शिवदत्त अग्रहरि, संदीप जायसवाल, अजय कसौधन, शं...