देहरादून, मई 31 -- श्री श्याम सुन्दर मन्दिर पटेल नगर में 42 वें मूर्ति स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन लुधियाना से आए आचार्य हरि कृष्ण महाराज ने शनिवार को कथा करते हुए कहा आत्मा का परमात्मा से मिलन ही महारास है l उन्होंने गोपी का अर्थ समझाते हुए कहा जो अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण कर ले वही गोपी है। आध्यात्मिक दृष्टि से गोपियां ना स्त्री है और पुरुष, गोपिया त्रेता युग में भगवान श्री राम के वनवास में मिले हुए भक्त हैं जो भगवान से मिलने की कामना रखते थे। उस समय मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने उनसे त्रेता युग में श्री कृष्णा अवतार में मिलने का वादा किया था l उन्होंने कहा जो भक्त गोपियों की तरह अपने इंद्रियों पर नियंत्रण रखकर भगवान की शरण में आते हैं भगवान उन्हें अपने में समाहित कर लेते हैं l कथा व्यास आचार्य हरि कृष्ण...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.