कन्नौज, अप्रैल 7 -- छिबरामऊ, संवाददाता। नगर के पूर्वी बाईपास स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में चल रहे प्रवचन में महात्मा राजकुमार गुप्ता ने कहा कि भक्तों ने हर समय यही महसूस किया कि परमात्मा से उनकी रुह एक हो गई है और अब वो आनंद मय भक्ति भरा जीवन जी रहे हैं। धन, दौलत, घर, परिवार, रिश्तेदार ये इस जीवन से जुड़े हैं, और इस शरीर की यात्रा तक ही साथ हैं। असली नाता तो इस आत्मा का परमात्मा से जुड़ा है, जो हमेशा रहने वाला एक अटूट रिश्ता हैं। उन्होंने अपने अनमोल वचनों में कहा कि मनुष्य परमात्मा को छोड़ कर और वाकी चीजों में इंसान का ध्यान लग जाता है। जैसे अभी हम सत्संग सुन रहे हैं पर साथ के आडिटोरियम की आवाज भी साथ-साथ आ रही हैं। उसका असर भी हो रहा है। इसी तरह जीवन में इस परमात्मा को प्राप्त करना था, पर इंसान दुनियावी माया में ही उलझकर रह गया है।
...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.