जौनपुर, फरवरी 24 -- सतहरिया, हिन्दुस्तान संवाद। नगर के सिपाह से आए दिव्यांग स्वामी निशेषानंद सरस्वती महाराज ने जीवन की सारगर्भिता पर बड़े ही भावपूर्ण ढंग से चर्चा किया। कहा कि आत्महत्या अथवा निराशा किसी भी समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। बल्कि सकरात्मकता के लिए अभिशाप है। यह सिर्फ हताशा भरी जीवन में महा पाप सरीखे निरर्थक कदम है। अक्सर इस प्रकार की जो घटनाएं हो रही हैं वह बहुत ही चिंतनीय हैं। इसलिए इसके प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए। यह बातें उन्होंने मुंगराबादशाहपुर के मोहल्ला पुरानी सब्जी मंडी में स्थित रामलीला मैदान में रविवार की देर शाम कही। कहा कि मानव शरीर किसी बड़े प्रयोजन के लिए भगवान की बड़ी कृपा से मिला है। यह अवसर विरले ही लोगों को मिलता है। इसे व्यर्थ में गंवाना मूर्खता है। मनुष्य को श्वास रहते ही कुछ ऐसा काम कर लेना चाहिए क...