शाहजहांपुर, फरवरी 13 -- स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के शिक्षक शिक्षा विभाग और भारतीय शिक्षा शोध संस्थान लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में "भारतीय ज्ञान परंपरा: आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला" विषय पर एकदिवसीय शैक्षिक संगोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त संकायाध्यक्ष प्रो. एनएन पांडेय ने कहा कि शिक्षा से अधिक शक्तिशाली हथियार कोई नहीं है। दृढ़ निश्चय हो तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने कहा कि हमारी ज्ञान परंपरा को नकारने के कारण हम अपनी जड़ों से दूर हुए। नई शिक्षा नीति 2020 में भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्वीकार किया गया है, जो मार्गदर्शक बन सकती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.