शामली, फरवरी 20 -- पवित्र माह-ए-रमजान के पहल जुमे की नमाज बड़े ही अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के उपरांत अकीदतमंदों ने अमन-चैन की दुआ मांगी। इससे पूर्व जामा मस्जिद के खतीब ने रमजान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने रमजान की कद्रदानी करने की अपील की। शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे नगर की प्राचीन जामा मस्जिद में इमाम व खतीब मौलाना ताहिर ने रमजान के पहले जुमे की नमाज अदा कराई। नमाज के उपरांत अकीदतमंदों द्वारा अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी गई। इससे पूर्व मौलाना ताहिर ने संबोधन में कहा कि रमजान रहमत, मगफिरत और निजात का महीना है। यह वह मुकद्दस महीना है जिसमें कुरआन-ए-पाक नाजिल हुआ। शैतान जंजीरों में जकड़े जाते हैं और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि रोजा रखना सिर्फ भूख-प्यास सहना नहीं, बल्कि आत्मसंयम, तकवा (परहेजगारी), सब्र...