नई दिल्ली, मार्च 12 -- इस बात से हर कोई वाकिफ है कि पाकिस्तानी सरकारें अपनों के साथ ही दोयम दर्जे का सलूक करती हैं। पाकिस्तान में बलूचिस्तान और वहां के निवासियों के साथ हमेशा से सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है। बलूचिस्तान की जनता सालों से इसी भेदभाव, सेना के सितम और संसाधनों की लूट का शिकार रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि अब बलूची अवाम खुद को पाकिस्तान का हिस्सा मानने से ही इनकार करने लगी है। मजबूर होकर उन्होंने हथियार उठा लिए हैं और अपने हक और पहचान के लिए अब जंग छेड़ दी है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बीते एक साल के दौरान हिंसा और विद्रोह का ऐसा तांडव मचा कि पूरा इलाका खून से लाल हो गया। विद्रोही संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने अपने विरोध के लिए जरिए ऐसा खौफ पैदा किया है कि वहां की सरकार परेशान हो गई। पाकिस्तान सुर...
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