नई दिल्ली, फरवरी 14 -- - वर्ष 2017 में दोनों गिरफ्तार किए थे, 2025 में दोषसिद्धि हुई थी नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो ओवरग्राउंड वर्करों को 15-15 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को वर्ष 2016 में जम्मू-कश्मीर में घुसे एक पाकिस्तानी आतंकी को पनाह देने और अन्य जरूरी मदद मुहैया कराने का दोषी पाया। दोषियों की पहचान कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा निवासी जहूर अहमद पीर और नजीर अहमद पीर के रूप में हुई है। विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने दोनों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा 18 और 19 के तहत 15-15 साल की सजा और धारा 39 के तहत नौ साल की सजा सुनाई है। हालांकि, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, इसलिए दोनों को अधिकतम 15 स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.