फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 4 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। सातनपुर मंडी में आढ़तियों और व्यापारियों के गठजोड़ पर मंडी के कर्मचारी मेहरबान हैं। इसलिए यहां आलू लेकर पहुंचने वाले किसान लुट रहे हैं। किसानों का आलू बिक्री तो होता है लेकिन उनको इसमें तनिक भी राय नहीं ली जाती है। जबकि कमालगंज में मंडी में खुली बोली लगाकर किसानों के आलू की बिक्री की जाती है। कानपुर मंडल ही नहीं कई मंडलों की सबसे बड़ी सातनपुर मंडी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सातनपुर मंडी में अंगौछे के अंदर आढ़ती और व्यापारी किसानों के आलू का भाव तय करते है। इसमें किसान को कुछ भी पता नहीं चलता है कि उनका आलू किस भाव में बिक्री किया जा रहा है। जब आढ़ती और व्यापारी आपस में अंगौछे के अंदर उंगलियों पर संतुष्ट हो जाते है इसके कुछ देर बाद किसान को बताया जाता है कि आलू बिक गया है और इस भाव म...