गोंडा, जनवरी 3 -- गोण्डा, संवाददाता। जिले की सबसे बड़ी 27 वार्डो की पालिका परिषद गोण्डा को पिछले आठ महीनों से स्थायी अधिशासी अधिकारी (ईओ) के बिना ही संचालित हो रही है। वर्तमान में एसडीएम को अतिरिक्त प्रभार देकर पालिका की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन प्रशासनिक दायित्वों के बोझ तले दबे एसडीएम को पालिका के कामकाज के लिए अपेक्षित समय नहीं मिल पा रहा। नतीजतन नगर पालिका का रोजमर्रा का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और विकास कार्यों की रफ्तार थम सी गई है। यहां तक वाहनों की मरम्मत, पेयजल व्यवस्था में सुधार, विभिन्न वार्डो की घर घर से कूड़ा उठान, शहरी इलाके के सौंदर्यीकरण, टूटी नालियां व सड़कों आदि समेत कई जरुरी कार्य फाइलों में अटके पड़े हैं। आलम है कि कार्यालय में जिम्मेदारों के मौजूद नहीं होने से कर्मचारियों के वेतन व सेवानिवृत कर्मचारियों के ...
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