चंदौली, जुलाई 30 -- चकिया, हिन्दुस्तान संवाद। चकिया क्षेत्र के लतीफशाह में मजार के पास बने बाबा बनवारी दास के मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान मिली खंडित प्रतिमा को लेकर मंथन शुरू हो गया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर स्वतंत्र कुमार सिंह के अनुसार लतीफशाह के पास बनवारी दास मंदिर में मिली खंडित प्रतिमा आठवीं शताब्दी के आसपास की है। उन्होंने बताया कि बलुआ पत्थर पर उकेरी गई प्रतिमा सूर्य देव की है। प्रतिमा के दोनों हाथ में कमल नाल (डंठल सहित कमल का फूल), कमर के कटिबंध में गुप्त और परावर्ती गुप्त काल के वस्त्र, दोनों कानों में कुंडल मौजूद हैं। इसके अलावा प्रतिमा की बाईं तरफ दंड लिया व्यक्ति और बाएं तरफ कलम और स्याही लिए पिंगल (लेखाकार) विराजमान हैं। जो गुप्तकाल में उत्तर भारत की सूर्य देव की प्रतिमा को पूर्ण...
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