बलिया, फरवरी 24 -- बलिया, संवाददाता। होलाष्टक 24 फरवरी यानि आज से शुरू होगा जो तीन मार्च तक रहेगा। फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि होलाष्टक होली व आष्टक या मध्यक दो शब्दों के योग से बना है। इसका अर्थ है आठ दिनों की अवधि जो फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक रहता है। शास्त्रों में इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य करना निषेध बताया गया है। होलाष्टक के साथ मौसम परिवर्तन शुरू हो जाता है और सूर्य का प्रकाश तेज होता है और हवाएं ठंडी रहती है, ऐसे में व्यक्ति रोग को चपेट में आ जाता है। इस समय मन की स्थिति अवसाद ग्रस्त रहती है। होलाष्टक में सभी ग्रह उग्र अवस्था में होते हैं। इसलिए इस अवधि में जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका उत्तम फल प्राप्त नहीं होता है। हालांकि एक मत के अनुसार हिमाचल प्रदेश, पंजाब ...
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