नई दिल्ली, अगस्त 11 -- अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन क्रैश से पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने में हो रही देरी को लेकर अमेरिकी वकील माइक एंड्रयूज ने टाटा समूह की कड़ी आलोचना की है। दुर्घटना के प्रभावित 65 परिवारों का नेतृत्व करने वाले एंड्रयूज ने समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा को याद करते हुए कहा कि अगर आज वह जीवित होते तो पीड़ित परिवारों को ऐसी 'नौकरशाही प्रक्रिया' का सामना नहीं करता पड़ता। अहमदाबाद दुर्घटना पर रविवार को एएनआई से बात करते हुए रतन टाटा की विरासत पर भी जोर डाला। उन्होंने कहा कि अगर वह आज यहां पर होते तो पीड़ितों को इतना इंतजार नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा, "अमेरिका में भी, हम जानते हैं कि रतन टाटा कौन थे। हम अमेरिका में उनकी कार्यशैली और विनम्र रहने तथा अपने कर्मचारियों की देखभाल करने पर उनके ध्यान के बारे में थोड़ा-बहुत जानते...
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