हापुड़, नवम्बर 3 -- गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेला के मुख्य पर्व बैकुंठ चतुर्दशी पर 4 नवंबर मंगलवार को सायंकाल से पितरों के निमित्त दीपदान किया जाएगा। उक्त जानकारी देते हुए भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा अध्यक्ष पंडित केसी पाण्डेय काशी वाले ने बताया कि चतुर्दशी तिथि 4 नवम्बर को तड़के 2.06 बजे से प्रारम्भ होकर रात्रि 10.36 तक रहेगा। सुबह गंगा स्नान के बाद भगवान शिव का पूजन करने के बाद भगवान विष्णु का पूजन, सूर्यास्त प्रदोष काल 5.27 बजे से सर्वार्थसिद्धि योग, अमृतसिद्धि योग, सिद्धि योग के विशेष संगम में दीपदान एवं आकाशदीप पूर्वजों (पितरों) के मोक्ष के लिए किया जाएगा। आज गीता पाठ, विष्णुसहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। ओम नमो नारायणा या ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जप भी निरंतर करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दीपदान के साथ आज गृहस्थों को ब्राह्मण भोजन कराकर...
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