नई दिल्ली, जुलाई 3 -- 18वीं सदी के मध्य में मराठा साम्राज्य अपनी ताकत के चरम पर था। पेशवा बाजीराव प्रथम के नेतृत्व में मराठों ने दक्षिण से उत्तर तक अपनी सैन्य शक्ति का लोहा मनवाया। 1750 के दशक तक मराठा सेना न केवल दक्कन में, बल्कि उत्तर भारत में भी अपनी धाक जमा चुकी थी। दिल्ली, जो मुगल साम्राज्य का दिल थी, अब मराठों की नजरों में थी। आज के ही दिन यानी 3 जुलाई 1760 को मराठों ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया और मुगलों को धूल चटा दी।3 जून 1760: दिल्ली पर मराठों की चढ़ाई 3 जून 1760 का दिन भारतीय इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है। इस दिन मराठा सेना, जिसका नेतृत्व दत्ताजी शिंदे और मल्हारराव होल्कर जैसे वीर योद्धाओं ने किया, ने दिल्ली पर कब्जा कर लिया। मुगल सम्राट आलमगीर द्वितीय और उनके वजीर इमाद-उल-मुल्क इस हमले के लिए तैयार नहीं थे। मर...
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