भागलपुर, अप्रैल 18 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग में एमए चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए 'खादी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन विषयक आठ दिवसीय सर्वेक्षण शिविर का आगाज गुरुवार को हुआ। इस मौके पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व आचार्य प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि खादी ग्राम उद्योग व चरखा संघ का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है। चरखा आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है। इस मौके पर डॉ. मनोज मिता ने चरखे को स्वावलंबन और श्रम का प्रतीक बताया तो गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र भागलपुर के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 'खादी' आंदोलन का प्रमुख केंद्र बिंदु था। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक गौतम कुमार ने शिविर से संबंधित तकनीकी तथ्यों पर प्रकाश डाला। द्व...
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