नवादा, अप्रैल 12 -- नरहट, एक संवाददाता। देश की आजादी के पूर्व 1942 में स्थापित प्लस टू स्कूल नरहट एक जमाने में पढ़ाई और अनुशासन में अलग स्थान व पहचान रखता था। प्रखंड में ही नहीं बल्कि पुराने गया जिले जो अब नवादा में है, इस विद्यालय ने अपने आप में एक अलग उपलब्धि हासिल की है, लेकिन प्लस टू में रसायन शास्त्र व भौतिक शास्त्र के शिक्षक नहीं रहने से विज्ञान स्ट्रीम के छात्रों को परेशानी हो रही है। उनका थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल भी प्रभावित हो रहा है। विद्यालय में बाउंड्री वाल नहीं रहने से आसपास के पशु व गाली के कुत्ते विचरण करते रहते हैं। खेल मैदान का रखरखाव समुचित नहीं होने से खेलकूद एक्टिविटी करने में छात्रों को परेशानी हो रही है। तीन दशक पूर्व इस विद्यालय में प्रखंड क्षेत्र ही नहीं बल्कि पड़ोसी प्रखंड के छात्र पढ़ने के लिए आते थे। छोटा शेखपुर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.