रामपुर, जुलाई 16 -- सपा नेता आजम से जुड़े शहर के चर्चित यतीमखाना प्रकरण में आजम के खास रिटायर्ड सीओ आले हसन की अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। उन्होंने केस के गवाहों को री-कॉल कराने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। पत्रावली सफाई साक्ष्य के लिए लगा दी गई है। अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी। मालूम हो कि सपा सरकार में शहर कोतवाली क्षेत्र में यतीमखाना को खाली कराया गया था। जिसके पीड़ितों ने सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2019 में शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराए थे। जिसमें तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां, उनके खास माने जाने वाले तत्कालीन सीओ सिटी आले हसन, सपा के कुछ स्थानीय नेताओं और पुलिस वालों को नामजद कराया गया था। आरोप है कि आजम खां के इशारे पर इन लोगों ने जबरन घरों में घुसकर मारपीट की, तोड़फोड़ की और लूटपाट करते हुए घरों को खाली...
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