मेरठ, मई 7 -- मेरठ। सूरजकुंड रोड स्थित प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास आचार्य बृजकिशोर तिवारी ने कथा सुनाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन के मित्र थे लेकिन द्वारिका के राजा भगवान कृष्ण होते हुए भी अपने पुराने मित्र सुदामा को नहीं भूले। यह है मित्रता, आजकल के मित्र तो स्वार्थ में रहते हैं। उन्होंने राजा नृग क़ी महिमा, जरासंध वध, राजसूर्य यज्ञ पांडवों का और सुदामा चरित्र की कथा भी सुनाई। मुख्य यजमान अजय शर्मा, ममता शर्मा, ऋषभ शर्मा, नेहा शर्मा रहे। अध्यक्ष विनीत कुमार गर्ग, उपाध्यक्ष संजय शर्मा, सचिव अनुराग वर्मा, कोषाध्यक्ष हर्ष शर्मा, अजय गुप्ता, नरेंद्र शर्मा, दीपक गोयल, सतपाल कौशिक, आकाश पाराशर, पीयूष शर्मा उपस्थित रहे।
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