कोडरमा, फरवरी 18 -- झुमरी तिलैया, निज प्रतिनिधि। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के महाप्रयाण के दो वर्ष पूर्ण होने पर श्रद्धा और भक्ति के साथ समाधि दिवस मनाया गया। श्रद्धालुओं का कहना था कि "जाते नहीं महासंत धरा से, वह तो अमर हो जाते हैं।" भक्तों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आचार्य श्री आज भी अपने उपदेशों, साहित्य और संस्थाओं के माध्यम से जनमानस का मार्गदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत जैन मंदिर में श्रीजी के अभिषेक से हुई। इसके पश्चात इंदु जैन सेठी परिवार द्वारा आचार्य श्री की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित किया गया। समाज के श्रद्धालुओं ने अष्टद्रव्य से पूजन कर गुरुवर को नमन किया। वक्ताओं ने उनके राष्ट्र, संस्कृति, जीव-दया और स्वदेशी के संदेश को स्मरण किया। 'दयोदय' गौशालाएं, 'प्रतिभास्थली' जैसी संस्...