कानपुर, जनवरी 12 -- आचार्य पंडित मुंशीराम शर्मा 'सोम जी' की 36वीं पुण्यतिथि पर सोम वाटिका सिविल लाइन्स में श्रद्वांजलि सभा हुई। हरगोविन्द शर्मा ने 'सोम जी' की मूर्ति पर मार्त्यापण किया। शिव नारायण शर्मा एडवोकेट ने बताया कि सोम जी ने वेदों का पदानुवाद करके वही कार्य किया जो तुलसी दास जी ने वाल्मीकि रामायण की हिन्दी रचना कर किया। सर्वेश पाण्डेय ने कहा कि सोमजी की स्वतन्त्रता संग्राम में मुख्य भूमिका रही थी। श्यामदेव सिंह, अनिल त्रिपाठी, सन्तोष कुमार शर्मा एडवोकेट, हर्षित शुक्ला, अभय साहू, गोविन्द आदि ने उन्हें याद किया। संचालन राजेश शर्मा ने किया और आरुष भट्ठ एडवोकेट ने धन्यवाद दिया।
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