संतकबीरनगर, नवम्बर 18 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। जिला अस्पताल में आग में झुलसने वाले मरीजों के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। इस प्रकार के मरीजों को जिला अस्पताल में केवल प्राथमिक उपचार करने के बाद रेफर कर दिया जाता है। अधिकतर मरीजों को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया जाता है। जिला अस्पताल में आग से झुलसे मरीजों के लिए शासन से अभी तक विशेषज्ञ चिकित्सक का पद ही नहीं सृजित है। ऐसे में बर्न के मरीजों के इलाज के लिए सर्जन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अस्पताल में बर्न वार्ड नहीं बनने की वजह से यहां पर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। बर्न बार्ड में मरीजों को मच्छरों से बचाने के लिए हर समय मच्छरदानी का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा इस कक्ष में एसी लगना अनिवार्य है। ताकि मरीजों के शरीर में जलन न होने पाए। अस्पताल में बर्न वार्ड ...
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