नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- - दिल्ली दंगा - नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा कोर्ट ने वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में आगजनी, चोरी और तोड़फोड़ के आरोपों का सामना कर रहे दो लोगों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और आरोपियों को संदेह का लाभ दिया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत मोहम्मद फारूक और मोहम्मद शादाब के खिलाफ दर्ज मामले की सुनवाई कर रही थी। इन पर 25 फरवरी 2020 को चांद बाग इलाके में दंगे, गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा बनने और एक मकान में तोड़फोड़ व आगजनी करने के आरोप थे। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह, सहायक-उप निरीक्षक (एएसआई) सुनील की गवाही पर गंभीर संदेह होता है। अदालत ने कहा कि केवल एक गवाह की संदिग्ध गवाही के आधार पर आरोपियों...