नई दिल्ली, फरवरी 5 -- महिला और पुरुष दोनों के शरीर की संरचना बिल्कुल अलग है। ऐसे में उनकी थकान और काम करने की क्षमता पर सवाल उठाना भी सही नहीं। लेकिन समानता और बराबरी की बात करने वाले लोगों का मानना है कि महिलाएं सारे काम कर सकती हैं जो एक पुरुष करता है। लेकिन वास्तव में जो महिलाएं पुरुषों के बराबर काम करें या पुरुषों से कम काम करें, घर में रहकर हाउस हेल्प के साथ भी काम करें तो भी उन्हें पुरुषों के मुकाबले ज्यादा थकान क्यों महसूस होती है? इसका जवाब साइकोलॉजिस्ट कोमल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दिया है। जिसमे उन्होंने बताया है कि ज्यादातर महिलाएं डिसीजन फटिग का शिकार होती हैं। जिसकी वजह से वो हमेशा थकी हुई रहती है।आखिर महिलाओं को क्यों ज्यादा थकान महसूस होती है? अक्सर घर के पुरुष शिकायत करते हैं कि वो बाहर से नौकरी या काम करके लौटे है...
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