रांची, फरवरी 22 -- झारखंड में बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को विधानसभा में आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मियों से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। विधायक जनार्दन पासवान ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर खींचा और कहा कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मियों को अपेक्षाकृत कम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकार का कार्य करने के बावजूद नियमित और संविदा कर्मियों के वेतन में बड़ा अंतर है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति बन रही है। अब आउटसोर्सिंग में भी सरकार आरक्षण लागू करने जा रही है।क्या बोले वित्त मंत्री इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जवाब देते हुए कहा कि अलग-अलग विभागों में खाली पदों को एक-दो सालों में भर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। नियुक्ति प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है...
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