लखनऊ, दिसम्बर 19 -- एएमयूकॉन-2025 लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। आईसीयू-वेंटिलेटर पर भर्ती मरीजों को संक्रमण आसानी से जकड़ लेता है। ऐसे में बैक्टीरिया, वायरस व फंगस आदि की पहचान जरूरी होती है ताकि इलाज की सही दिशा तय की जा सके। कई बार संक्रमण की पहचान के लिए कराई गई कल्चर जांच नेगेटिव आती है। मसलन संक्रमण किसकी वजह से हुआ? इसका पता नहीं चलता है। ऐसे में नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस) जांच कराई जानी चाहिए। इससे कम दिनों के संक्रमण का सटीक पता लगाया जा सकता है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में बायोकेमेस्ट्री विभाग के डॉ. मनीष राज कुलश्रेष्ठ ने दी। लोहिया संस्थान व एसोसिएशन फॉर मेडिकल अपडेट (एएमयूकॉन 2025) की तरफ से दूसरे दिन कान्फ्रेंस कानपुर रोड स्थित एक होटल में हुई। कान्फ्रेंस के आयोजक सचिव डॉ. मनीष राज कुलश्रेष्ठ ने कहाकि एनजीएस आधुनिक जांच ...