बलिया, फरवरी 15 -- बलिया, संवाददाता। जमीन की खरीद-बिक्री में हो रहे फर्जीवाड़ा पर लगाम लगाने के लिए शासन के निर्देश पर जिले के सभी छह उप निबंधन कार्यालयों में आईरैक्स स्कैनर लगाया जायेगा। फिलहा बायोमेट्रिक मशीन से फिंगरप्रिंट (अंगूठे के निशान) से जमीन की खरीद बिक्री चल रही है। लेकिन एक्सपर्ट बताते हैं कि पहचान के लिए यह काफी नहीं हैं। बढ़ते उम्र या हाथ से लगातार काम करने के कारण यह बदल सकते हैं। ऐसे में सटीक पहचान के लिए आईरैक्स स्कैन सबसे उच्च तकनीकि होने के साथ उपयुक्त है। प्रदेश भर में जमीन की खरीद बिक्री में फजीवाड़ा और धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार उच्च तकनीकि का सहारा लेने लगी है। इसी क्रम में आईरैक्स (आंख की पुतली) स्कैनर और क्यूआर कोड तकनीक से उप निबंधन और निबंधन कार्यालयों को लैस किया जा रहा है।...
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