प्रयागराज, दिसम्बर 6 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। जीएसटी प्रणाली में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका को देखते हुए राज्य कर विभाग ने 21 फर्जी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर दिया है। जांच में पाया गया कि इन फर्मों का अस्तित्व धरातल पर नहीं था और केवल कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर करोड़ों रुपये की टैक्सेबल वैल्यू बनायी गई थी। उद्देश्य इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फर्जी तरीके से लाभ लेना बताया जा रहा है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान होता। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने हाल ही में पंजीकृत फर्मों की विशेष जांच शुरू की थी। इसमें गंगापार और यमुनापार स्थित कई इकाइयों पर संदेह हुआ। अलग-अलग टीमों को स्थलीय निरीक्षण में पता चला कि जिन पते पर फर्म दर्ज थीं, वहां कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं मिल सकी। आश्चर्य यह भी रहा कि व्यवसाय न होने के बावजूद इ...