रुडकी, जनवरी 8 -- आईआईटी रुड़की से बीटेक (इंजीनियरिंग फिजिक्स) कर चुके सौरव की कहानी साहस और धैर्य की मिसाल है। बचपन से ही पैरों की दिव्यांगता को मात देकर सौरव की कड़ी मेहनत का परिणाम है कि अब उनका चयन 12 मार्च 2026 को इटली में होने वाली विश्व पैरा तैराकी चैंपियनशिप के लिए हुआ है। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि सौरव की कहानी केवल पदकों की नहीं, बल्कि चुनौतियों को हराने की इच्छाशक्ति की है।

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